(Ek-Ek Step, Har Tasbih ke Sath – Mukammal Guide)
तहज्जुद की नमाज़ अल्लाह तआला की सबसे अफ़ज़ल और प्यारी नफ़्ल इबादत है। यह वह नमाज़ है जो बंदा रात की ख़ामोशी में, सोने के बाद उठकर, सिर्फ़ अल्लाह के लिए पढ़ता है। इसमें न दिखावा होता है, न जल्दबाज़ी — बस बंदा और उसका रब।
बहुत से लोग तहज्जुद पढ़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पूरा तरीका, पूरी तस्बीह, पूरा अमल नहीं पता होता।
इस आर्टिकल में तहज्जुद की नमाज़ शुरू से आख़िर तक, एक भी चीज़ छोड़े बिना, पूरी तरह समझाई जा रही है।
Tahajjud Ki Namaz Kya Hai?
तहज्जुद वह नफ़्ल नमाज़ है जो:
- इशा की नमाज़ पढ़ने के बाद
- थोड़ी देर सोने के बाद
- रात में उठकर
- फज्र से पहले
पढ़ी जाती है।
ध्यान दें:
अगर कोई व्यक्ति बिना सोए रात में नमाज़ पढ़ ले, तो वह तहज्जुद नहीं कहलाती।
सोना ज़रूरी है, चाहे 10–15 मिनट ही क्यों न हो।
Tahajjud Ka Sahi Waqt
इशा के बाद से फज्र से पहले तक तहज्जुद का वक़्त रहता है।
लेकिन सबसे अफ़ज़ल वक़्त होता है:
रात का आख़िरी तिहाई हिस्सा
यानि फज्र से लगभग 1 से 1.5 घंटे पहले।
Tahajjud Se Pehle Puri Taiyari
1. Din Mein Niyyat Karein
दिन या शाम में अपने दिल में तय कर लें:
“आज रात मैं अल्लाह के लिए तहज्जुद पढ़ूंगा / पढ़ूंगी।”
2. Alarm Lagayein
मोबाइल में अलार्म लगाएँ।
फज्र से 1–1.5 घंटे पहले।
अलार्म का नाम रखें: Tahajjud।
3. Isha Ki Namaz Zaroor Padhein
बिना इशा पढ़े तहज्जुद नहीं होती।

Tahajjud Ki Namaz – Live Step by Step Amal
अब बिल्कुल ऐसे समझिए जैसे कोई सामने खड़ा होकर कह रहा हो —
अब ये करो, फिर ये करो।
STEP 1: Alarm Baja – Ab Kya Karein?
अलार्म बजते ही घबराएँ नहीं।
बिस्तर पर बैठ जाएँ।
10–20 सेकंड रुकें।
धीरे से कहें: बिस्मिल्लाह।
STEP 2: Bathroom Mein Kya Karein?
बाथरूम जाएँ।
चेहरे पर पानी डालें।
मिसवाक या ब्रश कर लें (अगर हो)।
STEP 3: Ab Wuzu Karein
वुज़ू आराम से करें, जल्दबाज़ी नहीं।
अगर दुआ याद न हो, तो चुप रहना भी ठीक है।
STEP 4: Namaz Ki Jagah Taiyar Karein
साफ़ जगह चुनें।
जानमाज़ बिछाएँ।
क़िब्ला की तरफ़ खड़े हों।
मोबाइल साइलेंट करें।
STEP 5: Niyyat Kaise Karein?
नियत ज़ुबान से बोलना ज़रूरी नहीं।
बस दिल में सोचें:
“मैं अल्लाह के लिए दो रकअत तहज्जुद की नफ़्ल नमाज़ पढ़ रहा / रही हूँ।”
Tahajjud Ki Namaz (Har Tasbih ke Sath)
PEHLI RAKAT
Takbeer-e-Tahreema
हाथ उठाकर कहें:
अल्लाहु अकबर।
Sana
सुभानक अल्लाहुम्मा
व बिहम्दिका
व तबारकस्मुका
व तआला जद्दुका
व ला इलाहा ग़ैरुक।
Surah Fatiha
पूरी तवज्जो के साथ पढ़ें।
Koi Surah
जैसे सूरह इख़लास।
Ruku
कम से कम तीन बार पढ़ें:
सुभाना रब्बियल अज़ीम।
Qauma
रुकू से उठते हुए:
समीअल्लाहु लिमन हमिदह।
सीधा खड़े होकर:
रब्बना लकल हम्द।
Pehla Sajda
तीन बार पढ़ें:
सुभाना रब्बियल आला।
Jalsa
दो सज्दों के बीच बैठकर पढ़ें:
रब्बिग़फिर ली।
रब्बिग़फिर ली।
Dusra Sajda
तीन बार पढ़ें:
सुभाना रब्बियल आला।
DUSRI RAKAT
फिर खड़े हो जाएँ।
सूरह फातिहा पढ़ें।
कोई दूसरी सूरह पढ़ें।
Ruku
तीन बार:
सुभाना रब्बियल अज़ीम।
Qauma
समीअल्लाहु लिमन हमिदह।
रब्बना लकल हम्द।
Sajda – Jalsa – Sajda
सज्दे में: सुभाना रब्बियल आला।
जिलसा में: रब्बिग़फिर ली।
फिर सज्दा: सुभाना रब्बियल आला।
QA‘DA (Akhri Baithak)
अत्तहियात पढ़ें।
दरूद-ए-इब्राहीम पढ़ें।
फिर कोई भी दुआ पढ़ें।
SALAM
दाहिनी तरफ़: अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह।
बाईं तरफ़: अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह।
दो रकअत तहज्जुद मुकम्मल।
Namaz Ke Baad Ki Dua
नमाज़ पूरी होने के बाद:
जानमाज़ पर आराम से बैठ जाएँ।
दोनों हाथ उठाएँ।
जल्दबाज़ी न करें।
अब अपनी साधारण ज़ुबान में दुआ करें:
या अल्लाह,
मुझसे जो भी ग़लतियाँ हुई हैं, उन्हें माफ़ फ़रमा।
मेरे दिल को सुकून दे।
मेरे माँ-बाप को सेहत और लंबी उम्र दे।
मेरे घर में बरकत अता फ़रमा।
मेरी रोज़ी में हलाल और आसानी पैदा कर।
मुझे नेक रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे।
अगर इस वक़्त आँखों से आँसू निकल आएँ,
तो समझिए तहज्जुद क़ुबूल हो रही है।
Tahajjud Ki Namaz Kitni Rakat Padhein?
कम से कम: 2 रकअत।
बेहतर: 4 या 8 रकअत।
हर 2 रकअत के बाद सलाम फेरें।
ज़्यादा रकअत ज़रूरी नहीं,
दिल से पढ़ी गई 2 रकअत भी बहुत हैं।
यह भी पढ़ें : मेहनत के बाद भी रिज्क नहीं बढ़ रही है जानें असली वजह
Agar Roz Tahajjud Na Padh Paayein To?
अगर रोज़ तहज्जुद न पढ़ पाएं तो घबराएँ नहीं।
हफ़्ते में 1 दिन भी काफ़ी है।
धीरे-धीरे आदत बन जाती है।
अल्लाह अमल से पहले नियत देखता है।
Tahajjud Ki Namaz Ke Fayde
दुआएँ क़ुबूल होती हैं।
दिल को सुकून मिलता है।
गुनाह माफ़ होते हैं।
परेशानियाँ कम होती हैं।
रोज़ी में बरकत होती है।
अल्लाह की क़ुरबत नसीब होती है।
Aakhri Baat
तहज्जुद कोई बोझ नहीं है।
यह अल्लाह की तरफ़ से ख़ास बुलावा है।
अगर आज आपने सिर्फ़:
अलार्म लगाया,
उठने की कोशिश की,
दो रकअत तहज्जुद पढ़ ली,
तो आप बहुत बड़ा काम कर चुके हैं।
अल्लाह हम सबको तहज्जुद की पक्की आदत अता फ़रमाए।
आमीन।
salatul hajat ki namaz kaise padhe – सलातुल की नमाज कैसे पढ़े
Dua before sex in English Hindi and arabic संभोग करने की दुआ हिंदी इंग्लिश अरबी में सीखें




