रमज़ान का रोज़ा सिर्फ सुबह से शाम तक भूखा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की रज़ा के लिए सब्र, इबादत और अपने नफ़्स को काबू में रखने का अमल है। पूरे दिन के सब्र के बाद जो लम्हा सबसे ज़्यादा सुकून और राहत देता है, वही इफ़्तार का वक्त होता है।
भारत जैसे बड़े देश में, जहाँ हर राज्य, हर शहर और हर गांव का समय अलग होता है, वहाँ सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल यही होता है:
“आज का इफ़्तार टाइम क्या है?”
कहीं लोग जल्दी इफ़्तार कर लेते हैं, कहीं 2–3 मिनट देर हो जाती है। इसी वजह से यह पूरा लेख इस तरह लिखा गया है कि भारत के किसी भी कोने में रहने वाला इंसान, आज का इफ़्तार टाइम खुद सही तरीके से समझ सके।
Iftar Kya Hai Aur Iski Ahmiyat
इफ़्तार का मतलब है रोज़ा खोलना। यह सिर्फ खाना शुरू करने का वक्त नहीं होता, बल्कि यह वह लम्हा होता है जब:
- अल्लाह की इताअत पूरी होती है
- दिन भर का सब्र रंग लाता है
- और रोज़ेदार की दुआ क़ुबूल होने के बहुत क़रीब होती है
हदीस में आता है कि:
“रोज़ेदार के लिए इफ़्तार के वक्त एक दुआ ऐसी होती है जो रद्द नहीं की जाती।”
इसीलिए इफ़्तार का सही वक्त जानना और उसी वक्त रोज़ा खोलना बहुत ज़रूरी है।
Aaj ka Iftar Time Kab Hota Hai (Sabse Zaroori Baat)
इस्लाम के मुताबिक:
- इफ़्तार का वक्त सूरज डूबते ही शुरू हो जाता है
- जैसे ही मग़रिब का वक्त शुरू होता है, रोज़ा खोलना जायज़ हो जाता है
सीधी भाषा में:
➡️ मग़रिब = इफ़्तार का सही वक्त
❌ सूरज डूबने से पहले इफ़्तार करना सही नहीं
❌ सिर्फ अंदाज़े से रोज़ा खोलना भी गलत है
Aaj ka Iftar Time Har Jagah Alag Kyun Hota Hai
भारत में इफ़्तार का वक्त हर जगह एक जैसा नहीं होता, क्योंकि:
- सूरज डूबने का समय हर शहर में अलग होता है
- पूर्व (East) और पश्चिम (West) में मिनटों का फर्क होता है
- इसी वजह से मग़रिब और इफ़्तार का टाइम बदलता रहता है
इसलिए किसी दूसरे शहर का टाइम देखकर अपने यहाँ इफ़्तार करना सही नहीं है।

📍 Aaj ka Iftar Time – Bharat Ki Har Location Ke Liye
🌇 Aaj Ka Iftar Time – Bharat
🔎 Agar location allow na ho to apna shehar likhein:
ℹ️ Iftar ka waqt Suraj doobte hi (Maghrib) shuru hota hai
Bharat Mein Apni Location Ka Iftar Time Kaise Nikalein
अगर आप भारत में कहीं भी रहते हैं, तो सबसे आसान और safe तरीका यह है:
1️⃣ अपने मोबाइल में Google खोलें
2️⃣ सर्च करें:
“Aaj Iftar Time in [Apna Shehar]”
📌 उदाहरण:
- Aaj Iftar Time in Delhi
- Aaj Iftar Time in Mumbai
- Aaj Iftar Time in Patna
3️⃣ जो Maghrib time दिखे
➡️ उसी वक्त रोज़ा खोलें
यह तरीका इसलिए बेहतर है क्योंकि:
- टाइम रोज़ बदलता है
- Google live location के हिसाब से अपडेट देता है
Masjid Ki Azaan Par Iftar Kab Karein
अगर आपके इलाके की मस्जिद में:
- मग़रिब की अज़ान बिल्कुल सही वक्त पर होती है
- सूरज डूबते ही अज़ान दी जाती है
तो अज़ान शुरू होते ही इफ़्तार करना बिल्कुल सही है।
लेकिन अगर कहीं अज़ान थोड़ी देर से होती है, तो:
➡️ सूरज डूबते ही इफ़्तार करना जायज़ है,
अज़ान का इंतज़ार ज़रूरी नहीं।
Iftar Mein Jaldi Karna Kyun Behtar Hai
नबी ﷺ की सुन्नत है:
- मग़रिब लगते ही इफ़्तार में जल्दी करना
- और इशा व तरावीह की तैयारी करना
इफ़्तार में बेवजह देर करना न तो ज़रूरी है, न ही बेहतर।
Iftar Ki Dua Aur Uska Waqt
इफ़्तार के वक्त दिल से की गई दुआ बहुत क़ीमती होती है।
इफ़्तार से पहले या पहला निवाला लेते वक्त दुआ करें।
आम तौर पर यह दुआ पढ़ी जाती है:
“अल्लाहुम्मा लका सुम्तु व अला रिज़्क़िका अफ़तर्तु”
Aaj Iftar Mein Hone Wali Aam Galtiyan
❌ सूरज डूबने से पहले रोज़ा खोल लेना
❌ सिर्फ घड़ी के अंदाज़े पर भरोसा करना
❌ दूसरे शहर का टाइम फॉलो करना
❌ मग़रिब से बहुत देर तक इंतज़ार करना
इन सबसे बचने का एक ही तरीका है:
➡️ अपनी location + Maghrib time
Aakhri Baat – Aaj ka Iftar Time Samajhna Kyun Zaroori Hai
अगर आप यह समझ गए कि:
- इफ़्तार मग़रिब के साथ होता है
- हर जगह का वक्त अलग होता है
- सही तरीका location ke hisaab se है
तो यक़ीन मानिए,
आपने आज का इफ़्तार टाइम बिल्कुल सही समझ लिया।
रमज़ान के ये कीमती लम्हे अल्लाह की नज़दीकी का ज़रिया हैं।
अल्लाह हमारे रोज़े, इफ़्तार और दुआएँ क़ुबूल फ़रमाए। आमीन।




