Ramzan का महीना बरकत, रहमत और इंसानियत का महीना होता है। पूरे महीने रोज़ा रखने के बाद जब ईद-उल-फित्र आती है, तो उसके पहले एक अहम जिम्मेदारी अदा करनी होती है जिसे फित्राना या सदक़ा-ए-फित्र कहा जाता है। हर साल की तरह 2026 में भी लोगों के मन में यह सवाल जरूर आएगा कि फित्राना कितना देना चाहिए और सही राशि क्या होगी।
इस लेख में हम आपको आसान और साफ भाषा में बताएंगे कि 2026 में भारत में फित्राना कितनी रकम देनी चाहिए, किस पर फर्ज है, कब देना चाहिए और कैसे देना चाहिए।
Fitrana Kya Hota Hai?
फित्राना एक वाजिब सदक़ा है जो हर उस मुसलमान पर जरूरी है जिसके पास जरूरत से ज्यादा माल मौजूद हो। यह ईद-उल-फित्र की नमाज़ से पहले अदा किया जाता है। इसका मकसद यह है कि गरीब और जरूरतमंद लोग भी ईद की खुशी में शामिल हो सकें।
फित्राना रोज़े की छोटी-मोटी कमियों को पूरा करने का जरिया भी है। अगर रोज़े में कोई गलती, लापरवाही या कमी रह गई हो तो फित्राना उस कमी की भरपाई करता है।
Fitrana 2026 India Mein Kitna Dena Chahiye?
भारत में फित्राना आमतौर पर गेहूं, जौ, खजूर या किशमिश की कीमत के आधार पर तय किया जाता है। अलग-अलग शहरों में रेट थोड़ा अलग हो सकता है क्योंकि बाजार की कीमतें अलग होती हैं।
2026 Ke Liye Estimated Amount
- गेहूं के हिसाब से: लगभग ₹60 से ₹100 प्रति व्यक्ति
- खजूर के हिसाब से: लगभग ₹150 से ₹250 प्रति व्यक्ति
- किशमिश के हिसाब से: ₹250 से ₹400 प्रति व्यक्ति
अधिकतर मस्जिदें गेहूं के हिसाब से न्यूनतम राशि घोषित करती हैं। इसलिए अगर आप सुरक्षित राशि देना चाहते हैं तो कम से कम ₹100 प्रति व्यक्ति देना बेहतर रहेगा। अगर आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी है तो ₹150 या ₹200 देना और भी बेहतर है।
याद रखें:
जितना ज्यादा देंगे, उतना ज्यादा सवाब मिलेगा। लेकिन कम से कम निर्धारित राशि देना जरूरी है।
Fitrana Kis Par Farz Hai?
फित्राना हर उस मुसलमान पर वाजिब है:
- जो निसाब के बराबर माल रखता हो।
- जिसकी जरूरत की चीजों से ज्यादा संपत्ति हो।
- जो ईद की सुबह तक जिंदा हो।
घर के मुखिया पर यह जिम्मेदारी होती है कि वह:
- अपना फित्राना दे
- अपनी पत्नी का दे
- अपने छोटे बच्चों का दे
अगर परिवार में 5 सदस्य हैं और प्रति व्यक्ति ₹100 देना है, तो कुल फित्राना होगा:
₹100 × 5 = ₹500

Fitrana Kab Dena Chahiye?
फित्राना देने का सबसे सही समय रमजान के आखिरी दिन या ईद से एक-दो दिन पहले है। इसे ईद की नमाज़ से पहले देना जरूरी है।
अगर किसी ने ईद की नमाज़ के बाद फित्राना दिया, तो वह फित्राना नहीं बल्कि आम सदक़ा माना जाएगा। इसलिए कोशिश करें कि समय पर अदा करें ताकि जरूरतमंदों तक समय से पहुंच सके।
Fitrana Kis Ko Dena Chahiye?
फित्राना उन्हीं लोगों को दिया जाता है जो जरूरतमंद और गरीब हों। जैसे:
- गरीब लोग
- मिस्कीन
- जरूरतमंद परिवार
- कर्ज़ में डूबे लोग
ध्यान रखें कि:
- माता-पिता को फित्राना नहीं दे सकते
- दादा-दादी को नहीं दे सकते
- अपनी संतान को नहीं दे सकते
Fitrana Ka Maqsad Kya Hai?
फित्राना का असली मकसद समाज में बराबरी और इंसानियत को बढ़ावा देना है। ईद सिर्फ अमीरों की खुशी नहीं होनी चाहिए, बल्कि गरीब भी उसी खुशी में शामिल हों।
जब आप फित्राना देते हैं, तो आप किसी जरूरतमंद के घर में खाने का इंतजाम करते हैं, बच्चों के लिए कपड़े का जरिया बनते हैं और उनके चेहरे पर मुस्कान लाते हैं।
Kya Fitrana Cash Mein De Sakte Hain?
जी हां, भारत में अधिकतर लोग फित्राना नकद देते हैं। पहले के समय में अनाज दिया जाता था, लेकिन आजकल नकद देना आम है ताकि जरूरतमंद अपनी जरूरत के हिसाब से चीजें खरीद सकें।
अगर आप चाहें तो सीधे अनाज भी दे सकते हैं, लेकिन नकद देना भी जायज है।
India Mein Fitrana Kaise Diya Jata Hai?
भारत में फित्राना देने के कई तरीके हैं:
- मस्जिद के माध्यम से
- मदरसे के जरिए
- सीधे किसी गरीब परिवार को
- किसी भरोसेमंद ट्रस्ट या संस्था के जरिए
- ऑनलाइन पेमेंट के माध्यम से
अगर ऑनलाइन दे रहे हैं, तो पहले संस्था की विश्वसनीयता जरूर जांच लें।
Agar Fitrana Na Diya To Kya Hoga?
अगर कोई जानबूझकर फित्राना नहीं देता, तो वह गुनाहगार माना जाएगा क्योंकि यह वाजिब इबादत है। लेकिन अगर भूलवश रह गया हो तो याद आते ही अदा कर देना चाहिए।
Fitrana Aur Zakat Mein Kya Farq Hai?
फित्राना और ज़कात दोनों अलग इबादतें हैं।
फित्राना:
- रमजान के अंत में दिया जाता है
- हर मुसलमान पर वाजिब है (अगर निसाब हो)
- राशि कम होती है
ज़कात:
- साल में एक बार दी जाती है
- 2.5% माल पर दी जाती है
- केवल निसाब के मालिक पर फर्ज है
दोनों का मकसद गरीबों की मदद और समाज में संतुलन बनाना है।
Bachchon Ka Fitrana?
हाँ, छोटे बच्चों का भी फित्राना देना जरूरी है। यह जिम्मेदारी उनके पिता या अभिभावक की होती है।
Kya Fitrana Non-Muslim Ko De Sakte Hain?
फित्राना सिर्फ मुसलमान जरूरतमंदों को दिया जाता है। लेकिन आम सदक़ा किसी भी धर्म के जरूरतमंद को दिया जा सकता है।
2026 Ke Liye Final Suggestion
2026 में भारत में फित्राना की न्यूनतम सुरक्षित राशि ₹100 प्रति व्यक्ति मानी जा सकती है। हालांकि अंतिम राशि आपके शहर के बाजार रेट और मस्जिद के ऐलान पर निर्भर करेगी।
अगर आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी है, तो ₹150 या ₹200 प्रति व्यक्ति देना बेहतर रहेगा।
Important Points:
- ईद की नमाज़ से पहले अदा करें
- हर सदस्य का अलग हिसाब लगाएं
- सही और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाएं
- दिल से और खुशी के साथ दें
Conclusion
Fitrana Kitna Dena Chahiye 2026 (India Update) का जवाब यह है कि भारत में लगभग ₹100 से ₹250 प्रति व्यक्ति देना उचित रहेगा। सही राशि आपके शहर के रेट और स्थानीय ऐलान पर निर्भर करेगी।
ईद की नमाज़ से पहले फित्राना अदा करना जरूरी है ताकि हर जरूरतमंद तक समय पर मदद पहुंच सके।
अल्लाह तआला हम सबकी इबादत कबूल करे और हमें गरीबों की मदद करने की तौफीक दे। आमीन।
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