पिछले कुछ समय से बहुत से ब्लॉगर्स और वेबसाइट ओनर्स, खासकर इस्लामिक और मुस्लिम कंटेंट पर काम करने वाले लोग, एक ही सवाल पूछ रहे हैं—
“क्या Google के नए अपडेट मुस्लिम वेबसाइट्स को जानबूझकर नीचे गिरा रहे हैं?”
किसी की ट्रैफिक अचानक गिर गई, किसी की साइट Discover से गायब हो गई, तो किसी का सालों पुराना कंटेंट रैंक करना बंद हो गया।
ऐसे में शक होना स्वाभाविक है। लेकिन सवाल यह है—क्या यह सच में Targeting है या हम पूरी तस्वीर नहीं देख पा रहे?
इस लेख में हम बिना डर, बिना भावुक हुए, पूरी सच्चाई को समझेंगे।
Google Update आखिर होता क्या है?
Google समय-समय पर अपने Search Algorithm में बदलाव करता है। इन बदलावों को ही Google Updates कहा जाता है।
इनका मकसद होता है—यूज़र को बेहतर और भरोसेमंद जानकारी देना, गलत व भ्रामक कंटेंट को नीचे करना और High-quality, original कंटेंट को ऊपर लाना।
Google का दावा है कि ये अपडेट किसी धर्म या समुदाय को देखकर नहीं, बल्कि कंटेंट की quality देखकर होते हैं।
मुस्लिम वेबसाइट्स को ज़्यादा नुकसान क्यों दिख रहा है?
यहीं से असली भ्रम शुरू होता है। बहुत सारी मुस्लिम वेबसाइट्स पर ट्रैफिक एक साथ गिरा, Discover impressions शून्य हो गए और पहले पेज की रैंकिंग अचानक गायब हो गई।
लेकिन ध्यान से देखने पर कुछ common problems सामने आती हैं।
Thin Content की सबसे बड़ी समस्या
बहुत सी इस्लामिक वेबसाइट्स पर बहुत छोटे आर्टिकल, सिर्फ़ आयत/हदीस copy-paste और वही बात बार-बार अलग शब्दों में लिखी जाती है।
Google अब ऐसे कंटेंट को Low Value मानता है। अगर आर्टिकल यूज़र को कुछ नया नहीं दे रहा, तो Google उसे ऊपर क्यों रखेगा?
Original Research की कमी
ज़्यादातर साइट्स पर न उदाहरण होते हैं, न सवाल-जवाब, न practical explanation।
आज का Google Context, Explanation और User Intent का clear answer चाहता है। सिर्फ़ धार्मिक हवाला अब काफ़ी नहीं है।
E-E-A-T (Experience, Expertise, Authority, Trust)
Google अब E-E-A-T को बहुत गंभीरता से लेता है। कई साइट्स पर Author, About, Contact और Sources नहीं होते—यह Targeting नहीं, Trust issue है।
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Google Discover के नियम सबसे सख्त हैं
Discover भावनात्मक कंटेंट पसंद करता है, लेकिन sensational और डर फैलाने वाला नहीं।
भड़काऊ titles, बार-बार डर और समाज को बाँटने वाला tone Discover को बंद करा देता है।
Clickbait Titles का नुकसान
“यह पढ़ लिया तो बच जाओगे” जैसे titles पहले चलते थे, अब Google इन्हें Manipulative मानता है।

क्या Google सच में मुस्लिम वेबसाइट्स से दुश्मनी रखता है?
सीधा जवाब—नहीं। बड़ी Islamic universities और research portals आज भी रैंक करते हैं क्योंकि उनका कंटेंट detailed, balanced और professional होता है।
असली समस्या क्या है?
कड़वा सच: हमने SEO को shortcut समझ लिया, Quality से ज़्यादा Quantity पर ध्यान दिया—Google बदला, हम नहीं बदले।
Muslim Bloggers कहाँ गलती कर रहे हैं?
Discover पर ज़्यादा depend करना, image heavy लेकिन content weak, niche unclear, technical SEO ignore, internal linking और updates की कमी।
Google Update से बचने का सही तरीका
1500–2500 words का deep content, सवाल-जवाब, examples, आसान इंसानी भाषा, Trust pages और Discover-safe titles।
क्या Islamic Content का भविष्य खत्म हो रहा है?
बिल्कुल नहीं। लोग authentic, emotional + logical और आसान भाषा वाला कंटेंट चाहते हैं।
Ground Reality Example
जिन साइट्स ने content update किया, titles soften किए और FAQ जोड़े—उनकी ट्रैफिक 3–4 महीनों में वापस आई।
डर की जगह रणनीति अपनाइए
“Targeting” सोचने की बजाय “बेहतर बनना” सोचिए—results आएँगे।
Muslim Websites के लिए Golden Rules
सच लिखिए, संतुलन रखिए, नफरत नहीं—समझ बढ़ाइए; SEO को tool समझिए।
निष्कर्ष
Google मुस्लिम वेबसाइट्स को target नहीं कर रहा। वह कमजोर, copy-paste और trust-less कंटेंट को ignore कर रहा है।
Quality, Value और Trust देंगे तो Google जगह देगा।
आख़िरी बात
Google का एल्गोरिदम समय-समय पर बदलता रहता है। कभी नया अपडेट आता है, कभी पुराने नियम सख़्त हो जाते हैं और कभी वेबसाइट की रैंकिंग ऊपर-नीचे होती रहती है। लेकिन एक सच्चाई ऐसी है जो कभी नहीं बदलती—सच्ची मेहनत से लिखा गया, उपयोगी और भरोसेमंद कंटेंट।
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