शब-ए-क़द्र इस्लाम की सबसे बरकत वाली और अफ़ज़ल रात मानी जाती है। यह वह मुबारक रात है जिसमें कुरआन-ए-पाक नाज़िल हुआ। कुरआन में इस रात को “हज़ार महीनों से बेहतर” बताया गया है। यानी इस एक रात की इबादत 83 साल से ज़्यादा इबादत के बराबर सवाब दे सकती है।
भारत में हर साल लोग जानना चाहते हैं:
- Shab e Qadr 2026 Date in India क्या है?
- 2026 में शब-ए-क़द्र की English तारीख़ क्या होगी?
- किस रात को सबसे ज़्यादा अहमियत दी जाती है?
- इस रात में क्या करना चाहिए?
इस मुकम्मल गाइड में आपको सारी जानकारी आसान और साफ़ भाषा में मिलेगी।
शब-ए-क़द्र क्या है?
“शब” का मतलब है रात और “क़द्र” का मतलब है अहमियत या ताक़त।
शब-ए-क़द्र यानी वह रात जो बहुत क़ीमती और ताक़त वाली है।
इस रात की खास बातें:
- कुरआन का नुज़ूल हुआ
- फरिश्ते ज़मीन पर उतरते हैं
- अल्लाह की रहमत खास तौर पर नाज़िल होती है
- गुनाहों की माफी मिलती है
- दुआएं कबूल होती हैं
यह पूरी रात सुकून और बरकत से भरी होती है।

Shab e Qadr 2026 Date in India (English Date)
भारत में इस्लामी तारीख़ चाँद देखने पर निर्भर करती है। 2026 में यह पवित्र महीना लगभग मध्य फरवरी 2026 में शुरू होने की उम्मीद है (चाँद की रुईयत के अनुसार 1 दिन आगे-पीछे हो सकता है)।
शब-ए-क़द्र आख़िरी दस रातों में आती है, खासकर ताक़ (Odd) रातों में।
अगर महीना 17 या 18 फरवरी 2026 से शुरू होता है, तो संभावित English तारीख़ें इस प्रकार होंगी:
- 21वीं रात – 8 या 9 मार्च 2026
- 23वीं रात – 10 या 11 मार्च 2026
- 25वीं रात – 12 या 13 मार्च 2026
- 27वीं रात – 14 या 15 मार्च 2026
- 29वीं रात – 16 या 17 मार्च 2026
भारत में आमतौर पर 27वीं रात को शब-ए-क़द्र के रूप में ज्यादा अहम माना जाता है।
👉 इसलिए 2026 में भारत में शब-ए-क़द्र की सबसे संभावित English तारीख़ होगी:
14 या 15 मार्च 2026 (चाँद देखने पर निर्भर)।
शब-ए-क़द्र की अहमियत क्यों ज़्यादा है?
1. कुरआन की शुरुआत
इंसानियत के लिए हिदायत की किताब इसी रात उतारी गई।
2. हज़ार महीनों से बेहतर
एक रात की इबादत 1000 महीनों से बेहतर — यह अल्लाह की बहुत बड़ी नेमत है।
3. गुनाहों की माफी
हदीस के मुताबिक, जो शख्स सच्चे दिल से इस रात में इबादत करता है, उसके पिछले गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।
4. फरिश्तों का नुज़ूल
इस रात फरिश्ते ज़मीन पर उतरते हैं और रहमत फैलती है।
शब-ए-क़द्र की निशानियां
कुछ हदीसों में इस रात की पहचान के बारे में बताया गया है:
- रात सुकून भरी होती है
- न ज्यादा गर्मी, न ज्यादा सर्दी
- सुबह सूरज हल्की रोशनी के साथ निकलता है
लेकिन सिर्फ निशानियों का इंतज़ार करना सही तरीका नहीं है। बेहतर है कि सभी ताक़ रातों में इबादत की जाए।
शब-ए-क़द्र में क्या करें?
1. नफ्ल नमाज़
जितनी हो सके नफ्ल नमाज़ पढ़ें।
2. कुरआन की तिलावत
कुरआन पढ़ना इस रात की सबसे बड़ी इबादतों में से है।
3. इस्तिग़फार
दिल से तौबा करें और गुनाहों की माफी मांगें।
4. खास दुआ
एक मशहूर दुआ है:
“अल्लाहुम्मा इन्नका अफुव्वुन तुहिब्बुल अफ्व फअफ़ु अन्नी।”
मतलब: ऐ अल्लाह! तू माफ़ करने वाला है, माफी को पसंद करता है, मुझे माफ़ कर दे।
5. सदक़ा
जरूरतमंदों की मदद करना भी इस रात में बहुत सवाब का काम है।
पूरी रात कैसे गुजारें? (आसान प्लान)
- इशा की नमाज़ पढ़ें
- कुछ देर आराम करें
- आधी रात के बाद उठें
- 2 या 4 रकअत नफ्ल पढ़ें
- कुरआन की तिलावत करें
- लंबी दुआ करें
- अपने परिवार और पूरी उम्मत के लिए दुआ करें
क्या सिर्फ 27वीं रात ही शब-ए-क़द्र है?
नहीं।
हालांकि 27वीं रात को ज्यादा अहम माना जाता है, लेकिन असल तारीख़ छुपाई गई है ताकि लोग आख़िरी दस रातों में मेहनत करें।
इसलिए 21, 23, 25, 27 और 29 — सभी ताक़ रातों में इबादत करना बेहतर है।
खास एहतियात
- सही English तारीख़ चाँद देखने पर निर्भर करेगी
- अलग-अलग शहरों में 1 दिन का अंतर हो सकता है
- आधिकारिक ऐलान के लिए स्थानीय मस्जिद या चाँद कमेटी की जानकारी देखें
निष्कर्ष
Shab e Qadr 2026 Date in India लगभग 14 या 15 मार्च 2026 होने की संभावना है, लेकिन सटीक तारीख़ चाँद की रुईयत पर निर्भर करेगी।
यह रात जिंदगी बदल सकती है।
यह माफी, रहमत और बरकत का सुनहरा मौका है।
बेहतर यही है कि आख़िरी दस रातों की हर ताक़ रात को कीमती समझें और इबादत में गुजारें।
अल्लाह तआला हमें इस मुबारक रात की कद्र करने और उसकी बरकत पाने की तौफीक़ दे। आमीन।
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